काबुल में मंगलवार को दोहरा दृश्य दिखा। एकतरफ तालिबान लड़ाके पूरे शहर में हवाई फायरिंग करते हुए जश्न मना रहे थे, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक अचानक बेहद महंगे हो गए खाने के दाम चुकाने के लिए बैंकों से पैसा पाने की जुगत में लंबी लाइनें लगाए खड़े थे।
एक 22 साल की युवती ने कहा, मुझे अपनी मां के साथ बैंक जाना पड़ा, लेकिन जब काबुल स्टार होटल के पास अजीजी बैंक पर पहुंचे तो तालिबान महिलाओं को छड़ी से पीट रहे थे। मैंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा और यह मुझे बेहद खौफजदा कर गया है।
बता दें कि तालिबान के काबुल पर नियंत्रण करने के बाद अफगानिस्तान में लंबे समय से चल रहा आर्थिक संकट और ज्यादा गहरा गया है। बैंकों ने रोजाना की पैसा निकासी सीमा 200 डॉलर तय कर दी है। सरकारी कर्मचारियों को कई महीने से वेतन नहीं मिला है और स्थानीय मुद्रा का बेहद अवमूल्यन हो गया है। एयरपोर्ट के करीब ड्यूटी कर रहे एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी अब्दुल मकसूद ने बताया कि उसे चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जबकि वे लगातार काम कर रहे हैं।
तालिबान हेलिकॉप्टरों पर कूद सकते हैं, उन्हें उड़ा नहीं सकते : अमेरिका
अपनी सेना के काबुल छोड़ने के बाद एयरपोर्ट पर रह गए अमेरिकी हेलिकॉप्टरों पर हथियारबंद तालिबानों के उछलकूद मचाने को लेकर अमेरिका ज्यादा चिंतित नहीं है। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, वे अपनी इच्छानुसार सभी (हेलिकॉप्टरों) की जांच कर सकते हैं। वे उन्हें देख सकते हैं, उनके चारों तरफ घूम सकते हैं। वे उड़ नहीं सकते। वे उन्हें संचालित नहीं कर सकते। लेकिन साथ ही किर्बी ने माना कि खतरे का माहौल लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा, हम निश्चित तौर पर तालिबान प्रतिशोध की क्षमता के बारे में चिंतित है और हमने इसे खुद देखा है। साथ ही हम इस खतरे से भी सावधान हैं कि आईएसआईएस-के अफगानिस्तान के अंदर अब भी बना हुआ है।
वादे पूरे करने पर तालिबान सरकार के साथ काम करेंगे : अमेरिका
अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि वह तालिबान सरकार के साथ काम करने को तैयार है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा, यदि नई तालिबान सरकार अपने विरोधियों के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं करती है तो अमेरिका उसके साथ काम करने को तैयार है। तालिबान अंतरराष्ट्रीय वैधता व समर्थन तलाश रहा है। हमारा संदेश है कि कोई भी वैधता या समर्थन उसे कमाना पड़ेगा। वह ऐसा अपनी प्रतिबद्धताओं और दायित्वों को पूरा करके पा सकता है।
खोस्त में निकला पश्चिमी झंडों के लिपटे ताबूतों में जनाजा
अफगानिस्तान के पूर्वी शहर खोस्त में तालिबान लड़ाकों ने विदेशी सेनाओं के वापस लौटने का जश्न अनूठे तरीके से मनाया। उन्होंने अलग-अलग पश्चिमी देशों के झंडों में लिपटे ताबूत लेकर एक नकली जनाजे का इंतजाम किया। इसे विदेशी दुश्मनों का जनाजा कहा गया। इसे देखने के लिए खोस्त शहर की जनता लाइनें लगाकर सड़कों के दोनों तरफ खड़ी रहीं।