अफगानिस्तान से अरबों रुपये लेकर देश छोड़ भागने के आरोपों से घिरे राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अब इन पर सफाई दी है। यूएई पहुंचे अशरफ गनी ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा कि उन्होंने रक्तपात रोकने के लिए देश छोड़ा। पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से तालिबान की वार्ता को सराहते हुए उन्होंने कहा, उन्हें काबुल इतनी जल्द छोड़ना पड़ा कि अपने सैंडल उतारकर जूते तक नहीं पहन सके।
नहीं भागता तो रक्तपात होता और नजीबुल्लाह की तरह फांसी पर लटका दिया जाता- गनी
अशरफ गनी ने फेसबुक पर पोस्ट इस वीडियो में कहा, मैं सिर्फ एक वेस्टकोट और कुछ कपड़े लेकर गया लेकिन कहा जा रहा है कि मैं पैसा लेकर भागा हूं, यह गलत है। इस पर कस्टम अधिकारी सब कुछ बता सकते हैं। गनी ने कहा कि मुझे अचानक ही भागना पड़ा क्योंकि यदि मैं ऐसा नहीं करता तो काफी खून-खराबा होता और तालिबान मुझे भी पूर्व राष्ट्रपति नजीबुल्लाह की तरह फांसी पर लटका देता।
मेरा दुबई में निर्वासित जीवन जीने का कोई इरादा नहीं है और मैं घर लौटने के लिए वार्ता कर रहा हूं। मुझे अफगानिस्तान से निकाला गया है, यदि काबुल न छोड़ता तो एक चुने हुए राष्ट्रपति को अफगानों की आंखों के सामने फांसी पर लटका दिया जाता। उन्होंने कहा, मैंने सरकारी अधिकारियों की सलाह पर अफगानिस्तान को छोड़ा है। मैं अपने देश को यमन या सीरिया में नहीं बदलना चाहता था।
भागा नहीं, निकाला गया
अशरफ गनी ने कहा, जो कोई यह कहे कि आपके राष्ट्रपति ने आपको बेच दिया है और अपने फायदे के लिए व अपनी जान बचाने के लिए भाग गया है, उसका यकीन मत कीजिएगा। मैं इस तरह के आरोपों को पूरी तरह खारिज करता हूं। उन्होंने कहा 27 सितंबर 1996 को जिस तरह काबुल में एक खंभे से पूर्व राष्ट्रपति नजीबुल्लाह का शव लटका मिला था उसी तरह मैं भी मारा जाता।
गनी अब अहम नहीं : अमेरिका
अशरफ गनी भले ही अफगानिस्तान लौटना चाहते हैं लेकिन अमेरिका ने कहा है कि वह अब एक अहम नहीं हैं। अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमन ने कहा, अब वे अफगानिस्तान में अहम नहीं हैं। उधर, राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों और उनके सहयोगियों को बचाकर लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
बाइडन का एलान, सभी को निकालने तक वहीं रहेंगे सैनिक
अफगानिस्तान में अपने नागरिकों को निकालने में जुटा अमेरिका फिलहाल अपनी सेना को पूरी तरह से वापस नहीं बुलाएगा। राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक 31 अगस्त की वापसी की समयसीमा के बाद भी बने रह सकते हैं।
बाइडन ने कहा कि वे अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों को तब तक रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जब तक कि वहां से हर अमेरिकी को नहीं निकाल लिया जाता, भले ही उन्हें वापसी के लिए उनकी 31 अगस्त की समय सीमा के बाद भी वहां सैन्य उपस्थिति बनाए रखना हो। बता दें, अब भी अफगानिस्तान में 15,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
संभावित काबुल विस्थापितों की तलाश एवं बचाव के लिए तैयार नहीं - ऑस्टिन
अमेरिकी सेना के पास अफगानिस्तान में काबुल हवाईअड्डे को सुरक्षित करने के अपने मौजूदा मिशन को विस्तार देकर वहां मौजूद अमेरिकियों व अफगानों को एकत्र कर उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए पर्याप्त बल एवं हथियार नहीं है।
अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा, मेरे पास काबुल में मौजूदा अभियान को विस्तार देने की क्षमता नहीं है। तालिबान के अफगानिस्तान में कब्जा जमाने के बाद ऑस्टिन का यह पहला बयान है। उन्होंने कहा, वे मुख्य रूप से हवाई अड्डे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसे कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।