अमेरिकी समर्थन प्राप्त सरकार से अफगानिस्तान की बागडोर तालिबान के कब्जे में आने के बाद वहां के संकटग्रस्त हालात का मुद्दा ब्रिक्स के 13वें सम्मेलन के एजेंडे में होगा।
चीन ने शुक्रवार को इसके संकेत देते हुए कहा, ब्रिक्स देश हमेशा से क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों व सदस्य देशों के साझा हितों पर मुखर रहे हैं। ब्रिक्स का 13वां सम्मेलन वर्चुअल माध्यम पर भारत की अध्यक्षता में होना है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वान्ग वेनबिन ने कहा, ब्रिक्स उभरते बाजारों व विकासशील देशों के बीच परस्पर सहयोग बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मंच है। क्षेत्रीय मुद्दों पर संजीदा रुख अपनाने की इसकी एक परंपरा रही है। ऐसे में अफगानिस्तान के मौजूदा संकट पर चर्चा अवश्य होनी चाहिए।
वान्ग ने कहा, ब्रिक्स देश पहले ही अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक में अफगानिस्तान के संकट पर चर्चा कर चुके हैं। 24 अगस्त को भारतीय एनएसए अजित डोभाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तालिबान के सहयोग से पनपने वाले तमाम आतंकी संगठनों के खिलाफ आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने के लिए एक एक्शन प्लान भी तैयार किया गया था।