तालिबान के डर के आगे घुटने टेकने के बजाए अफगानिस्तान की कुछ महिलाएं अपनी आजादी के लिए लगातार आवाज बुलंद कर रही हैं। बेशक विरोध करने वाली महिलाओं की संख्या कम है लेकिन वे लाखों अफगान महिलाओं की आवाज हैं। 17 अगस्त को, चार महिलाओं ने काबुल की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया था। जबकि सात महिलाओं ने 19 अगस्त को शहर के वजीर अकबर खान इलाके में अफगान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अफगानी झंडा लहराया और तालिबान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। तालिबान के बंदूक और उनके खौफ के बीच जो एक आवाज निडर बन गई है वह है क्रिस्टल बायत की। वह कई उन बहादुर महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने तालिबान की खुलकर खिलाफत की है। न्यूयॉर्क टाइम्स इस बहादुर महिला की कहानी दुनिया के सामने ले कर आया है।
तालिबान का खुलकर कर रहीं विरोध
बायत एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। वे महिलाओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने के लिए आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। बायत उन सात महिलाओं में से एक थीं, जिन्होंने अफगानिस्तान में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित तालिबान के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 1500 पुरुष थे, जिसमें केवल सात महिलाएं थीं।