अफगानिस्तान में संसदीय चुनाव होने के छह महीने बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शुक्रवार को संसद की कार्यवाही को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर चुने गए सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह भी हुआ। पिछले साल 20 अक्टूबर को हुए संसदीय चुनाव में देशभर के कई हिस्सों में बम धमाके व मतदान केंद्रों पर हमले हुए थे।
धांधली, अनियमितता, और तकनीकी दिक्कतों के आरोपों के बीच अब भी केंद्रीय काबुल प्रांत की 33 सीटों के लिए परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। गनी ने इस अवसर पर कहा, आज संसद में नए सदस्यों में से अधिकांश शिक्षित व युवा पीढ़ी से हैं, जो महिला व मानव अधिकारों की रक्षा करेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग के पूर्व अधिकारियों पर आरोप लगाया कि संसद के देर से चालू होने के पीछे उनकी अक्षमता है।