नाटो के महासचिव जेेंस स्टोलटेनबर्ग
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पैदा हुए हालात से समूची दुनिया चिंतित है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन नाटो ने वहां के हालात व संगठन के साझा दृष्टिकोण पर विचार के लिए 20 अगस्त को असाधारण बैठक बुलाई है।
नाटो के महासचिव जेेंस स्टोलटेनबर्ग ने बुधवार को बताया कि शुक्रवार को होने वाली इस बैठक में संगठन के सदस्य देशों के विदेश मंत्री वर्चुुअल रूप से भाग लेंगे।
महिलाओं की सुरक्षा की चिंता को लेकर 21 देशों का साझा बयान जारी
उधर, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा समेत 21 देशों ने साझा बयान जारी कर अफगानिस्तान में महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। बयान में कहा गया है कि हम महिलाओं व लड़कियों के शिक्षा, कामकाज व आजादी के अधिकारों को लेकर चिंतित हैं। इन देशों ने अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ लोगों व निकायों से कहा है कि वे महिलाओं के अधिकारों की गारंटी दें। हम अफगानिस्तान की महिलाओं को मानवीय आधार पर मदद के लिए तैयार हैं। हम हालात पर सतत नजर रखेंगे और देखेंगे कि भावी सरकार इनकी आजादी व अधिकारों की रक्षा करे। बीते 20 सालों में महिलाओं के ये अधिकार उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।