अफगानिस्तान के कार्यकारी राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने पत्र में कहा- तालिबान की आर्थिक नाकेबंदी और संचार ब्लैकआउट से मानवीय संकट गहराया, हजारों विस्थापितों और बंधकों को बचाना जरूरी
अफगानिस्तान के कार्यकारी राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने पंजशीर घाटी में मानवीय संकट के हालात पर संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर मदद मांगी है। सालेह ने कहा, स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो नरसंहार देखने को मिलेगा। इसलिए पंजशीर को तालिबान से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की जरूरत है।
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सालेह ने पत्र में कहा कि तालिबान की आर्थिक नाकेबंदी और संचार ब्लैकआउट की वजह से पंजशीर प्रांत और बागलान प्रांत के तीन जिलों में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय समुदाय, रेड क्रॉस एवं रेड क्रिसेंट मूवमेंट, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य धर्मार्थ संगठनों से आह्वान करते हैं कि वे पंजशीर प्रांत में तालिबान के हमले को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करें।
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खाना, पानी, मेडिकल सुविधा की तत्काल जरूरत
सालेह ने कहा कि फंसे लोगों को भोजन की काफी ज्यादा जरूरत है। उन्हें खाना, रहने की लिए जगह, पानी, सफाई, स्वास्थ्य देखभाल और गैर-खाद्य वस्तुओं की तत्काल जरूरत है।
2.50 लाख लोग फंसे
सालेह ने कहा कि पंजशीर पहुंचे स्थानीय महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं 10,000 आंतरिक रूप से विस्थापितों ( आईडीपी ) सहित करीब 2.50 लाख लोग इन घाटियों में फंस गए हैं। इनमें भुखमरी, सामूहिक हत्याएं और नरसंहार देखने को मिलेगा। विस्थापित लोग मस्जिदों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।