2008 में मुंबई आंतकवादी हमले में कथित संलिप्पता का आरोपी तहव्वुर राणा अभी अमेरिका में ही हिरासत में रहेगा। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की सुनवाई के दौरान फैसला सुनाया कि अभी राणा अमेरिका में ही रहेगा।
बता दें कि पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यापारी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के मामले में अमेरिका की अदालत ने कुछ और कागज मांगे हैं औऱ कहा है है कि जब तक सभी कागज मिल नहीं जाते, तब तहव्वुर राणा अमेरिका में ही हिरासत में रहेगा।बता दें कि लंबे समय में भारतीय अधिकारियों की ओर से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मांग चल रही है।
गुरुवार को अमेरिका के लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में उनके मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें मजिस्ट्रेट जैकलिन चूलजियान ने बचाव पक्ष के वकील और अभियोजकों को 15 जुलाई तक इस मामले से संबंधित कुछ और कागज जमा करने को कहा है। इसके अलावा मजिस्ट्रेट ने लिखा कि राणा अंतिम फैसला आने तक अमेरिका में ही हिरासत में रहेगा।
राणा गुरुवार को जब सुनवाई के लिए आया, तो उसने सफेद रंग का जम्पसूट और काला चश्मा लगाया हुआ था। राणा के पांव में बेड़ियां थीं और पास में बेटियां खड़ी हुई थीं। हालांकि बेटियों ने प्रेस के सामने कुछ भी टिप्पणी करने से मना कर दिया था।
राणा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली का बचपन का दोस्त है। पाकिस्तानी मूल का 60 वर्षीय अमेरिकी नागरिक हेडली 2008 के मुंबई हमलों की साजिश रचने में शामिल था। वह मामले में गवाह बन गया था और वर्तमान में हमले में अपनी भूमिका के लिए अमेरिका में 35 साल जेल की सजा काट रहा है और उसने ही राणा के खिलाफ गवाही दी है।
राणा के वकील का कहना है कि उसके मुव्वकील को हेडली द्वारा आतंकवादी साजिश रचने की कोई जानकारी नहीं थी और वह मुंबई में व्यापार के लिए एक कार्यालय स्थापित करने में अपने दोस्त की मदद कर रहा था। उन्होंने कहा कि हेडली कई मौकों पर अमेरिकी सरकार से झूठ बोलता रहा है और उसकी गवाही को विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए। हेडली ने अपने आतंकवादी मकसदों को पूरा करने के लिए राणा का इस्तेमाल किया, जिसकी राणा को कोई जानकारी नहीं दी।