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यूक्रेन संकट का नौवां दिन : परमाणु संयंत्र पर रूस का कब्जा, सांसत में रही दुनिया, बनते-बिगड़ते हालात के बड़े अपडेट

Sat, 05 Mar 2022 07:34 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, लवीव/कीव/पेरिस।

सार

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक अब तक करीब 12 लाख लोग यूक्रेन छोड़कर बाहर जा चुके हैं। यूरोप ने तीन दशकों में इतना बड़ा प्रवासी संकट नहीं देखा है, जिसका असर आने वाले कई वर्षों तक रहेगा। संयुक्त राष्ट्र यूक्रेन जंग के दौरान 40 लाख से ज्यादा लोगों के शरणार्थी बनने के आसार जता चुका है। 
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रूस ने किया जैपोरिझिया में परमाणु संयंत्र पर कब्जा - फोटो : twitter/KyivPost
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विस्तार
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यूक्रेन में स्थित यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर शुक्रवार को रूस ने कब्जा कर लिया। हमले के दौरान जैपोरिझिया संयंत्र की एक इमारत में बृहस्पतिवार रात आग लग गई। ऐसे में परमाणु रेडिएशन के रिसाव के डर से यूरोपीय महाद्वीप समेत पूरी दुनिया कई घंटे सांसत में रही। हालांकि, आग को शुक्रवार सुबह बुझा दिया गया। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया है कि संयंत्र अब सामान्य रूप से काम कर रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की।

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जैपोरिझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को रूसी कब्जे में जाने से बचाने के लिए यूक्रेनी सैनिकों और स्थानीय लोगों ने पूरा जोर लगाया, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। इस संयंत्र से यूक्रेन की बिजली जरूरतों के 20 फीसदी हिस्से की आपूर्ति होती है। वहीं, रूस ने आरोप लगाया कि आग यूक्रेन ने खुद लगाई है। रूस ने इसे दानवी कृत्य बताया। बाद में अधिकारियों ने बताया कि जैपोरिझिया परिसर में लगी आग दरअसल प्रशिक्षण केंद्र की इमारत में लगी थी न कि संयंत्र में। संयंत्र में धमाके से चेर्नोबिल-फुकुशिमा जैसे हादसे का डर है।

आईएईए प्रमुख बोले-जितनी जल्दी हो, दौरे की अनुमति दें
रेडिएशन के रिसाव के खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए ) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने रूस और यूक्रेन दोनों से कहा है कि जितनी जल्दी हो सके उन्हें वहां जाने दिया जाए। उन्होंने कहा, संयंत्र की भौतिक स्थिति संकट में है।
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जेलेंस्की की भावुक अपील : अब तो जागो
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने वीडियो संदेश में कहा, यूरोपवासियो, कृपया जागो। अपने नेताओं से कहो कि रूसी सैनिक यूक्रेन के परमाणु संयंत्रों पर गोलियां बरसा रहे हैं। एक अन्य संदेश में उन्होंने रूसी लोगों से विद्रोह करने के लिए कहा।

चेर्निहीव पर हमला, 47 की मौत, बंदरगाह शहर माइकोलेइव पर कब्जे की कोशिश नाकाम
रूस ने चेर्निहीव पर जोरदार हवाई हमला बोला, जिसमें 47 लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया, रूस ने बृहस्पतिवार को एक नागरिक ठिकाने पर हवाई हमला किया। वहीं, बंदरगाह शहर माइकोलेइव पर कब्जे की रूसी कोशिश यूक्रेन ने नाकाम कर दी है। पांच लाख आबादी वाले इस शहर में भीषण लड़ाई जारी है।

कीव, खारकीव पर बमबारी जारी है, मगर इनमें से किसी शहर पर अब तक रूस कब्जा नहीं कर पाया है। मैरियूपोल का घेरा भी बना हुआ है और यूक्रेनी शहर को अब तक बचाने में कामयाब हैं। अमेरिका ने उपग्रह चित्रों के आधार पर दावा किया कि रूसी सेना कीव से अब 25 किमी दूर है।

वार्ता के बारे में जानकारी देने से इनकार
यूक्रेन और रूस के बीच वार्ता का दूसरा दौर नागरिकों के लिए सुरक्षित गलियारा बनाने तक सीमित रहा। हालांकि, युद्ध रोकने व अन्य बिंदुओं पर कोई जानकारी देने से दोनों ही पक्षों ने इनकार कर दिया है।

जेलेंस्की कहां हैं...परस्पर विरोधी दावे
रूसी संसद ड्यूमा के अध्यक्ष वेचेस्लाव वोलोदिन ने कहा, राष्ट्रपति जेलेंस्की देश छोड़कर पोलैंड चले गए हैं। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया कि जेलेंस्की ने देश नहीं छोड़ा है। वोलोदिन ने कहा, जेलेंस्की अब यूक्रेन में नहीं हैं। यूक्रेन की सुप्रीम काउंसिल वेरखोवना राडा के उनके सहयोगियों का कहना है कि लवीव में उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। जेलेंस्की ने कहा था, वह देश नहीं छोड़ेंगे। हालांकि, अमेरिका ने उनकी सुरक्षा को लेकर देश छोड़नेे का आग्रह किया था।

रूस में फेसबुक, बीबीसी समेत कई वेबसाइटों पर प्रतिबंध
मास्को। रूसी टीवी चैनल व समाचार एजेंसियों पर यूरोप, अमेरिकी प्रतिबंध के बाद मास्को ने भी पलटवार किया है। यूक्रेन पर हमले को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए रूस ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक के साथ बीबीसी व डायचे वैले समेत कुछ पश्चिमी समाचार पोर्टलों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इस बीच, रूसी संसद ने ‘फर्जी’ खबरों पर सजा देने के लिए सख्त कानून बनाया है। इसके तहत सेना के खिलाफ गलत सूचनाएं देने वालों को 15 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। जानकारों का कहना है कि इसका सीधा निशाना पश्चिमी मीडिया बनेगा। इसके अलावा मीडिया नियामक संस्थान रोस्कोमनाडजोर ने फेसबुक को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है।

ट्रंप के करीबी सीनेटर ग्राहम बोले, पुतिन की हत्या से ही होगा दुनिया का भला
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दुनिया के भले के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या करने को कहा है। अपने सैनिक ब्रूटस के हाथों मारे गए क्रूर रोमन जनरल जूलियस सीजर और हिटलर की हत्या का प्रयास करने वाले कर्नल स्टॉफेनबर्ग की मिसाल देते हुए ग्राहम ने कहा, क्या रूस की सेना में कोई ब्रूटस या कर्नल स्टॉफेनबर्ग है। क्योंकि, अभी जो चल रहा है, उसका अंत इसी तरीके से हो सकता है।

दुनिया में सदी का सबसे तेज शरणार्थी पलायन
जंग शुरू होने के हफ्तेभर में ही 12 लाख से ज्यादा लोगों ने यूरोप समेत दूसरे देशों में शरण ली है। करीब 55 फीसदी लोगों ने अकेले पोलैंड का रुख किया है तो सबसे कम बेलारूस में गए हैं। दुनिया में यह शरणार्थियों का इस सदी का सबसे तेज कूच माना जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक अब तक करीब 12 लाख लोग यूक्रेन छोड़कर बाहर जा चुके हैं। यूरोप ने तीन दशकों में इतना बड़ा प्रवासी संकट नहीं देखा है, जिसका असर आने वाले कई वर्षों तक रहेगा। संयुक्त राष्ट्र यूक्रेन जंग के दौरान 40 लाख से ज्यादा लोगों के शरणार्थी बनने के आसार जता चुका है। यानी आगामी हफ्तों में अभी 30 लाख और यूक्रेनी दूसरे देशों में जाएंगे।

55% शरणार्थी पोलैंड पहुंचे सिर्फ 370 बेलारूस गए
24 फरवरी से 2 मार्च तक कहां कितने यूक्रेनी
पोलैंड 6,50,000
हंगरी 1,45,000
मोल्दोवा 1,00,830
स्लोवाकिया 90,060
रोमानिया 51,260

यूक्रेन के ऊपर उड़ान वर्जित क्षेत्र बनाने से नाटो का इनकार
नाटो ने यूक्रेन के ऊपर उड़ान वर्जित क्षेत्र बनाने की यूक्रेन सरकार की मांग ठुकरा दी है। नाटो महासचिव जेन्स स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा कि ऐसा कोई भी कदम यूरोप में बड़े युद्ध में बदल सकता है। शुक्रवार को नाटो देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद उन्होंने कहा, हम यूक्रेन में नहीं जा रहे हैं, न जमीन पर और न ही हवा में।

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जैपोरिझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आग लगने के बाद अपने देश में उड़ान वर्जित क्षेत्र बनाने की अपील पश्चिमी देशों से की थी। स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा, उड़ान वर्जित क्षेत्र बनाने का एकमात्र तरीका नाटो के लड़ाकू विमानों को यूक्रेन भेजना है। लेकिन यदि हमने ऐसा किया तो हम यूरोप में पूर्ण युद्ध को न्योता देंगे। नाटो सहयोगियों के रूप में इस युद्ध को यूक्रेन से बाहर न फैलने देना हमारी जिम्मेदारी है।

50 शीर्ष रूसी अधिकारियों पर अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध
बाइडन प्रशासन ने रूस के 50 बड़े अधिकारियों और नेताओं पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इनमें क्रेमलिन के प्रेस सचिव दिमिद्घी पेस्कोव्ट भी शामिल हैं। इन सभी के परिवारों को भी प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, प्रतिबंध उन लोगों को निशाना बनाएगा जो रूसी लोगों के पैसे अपनी जेबें भर रहे हैं। आज मैं इस सूची में दर्जनों और लोगों के नाम जोड़ने की घोषणा कर रहा हूं और इनमें एक रूस का अरबपति भी है।
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फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धविराम के पक्ष में भारत
भारत ने पूर्वी यूक्रेन में अपने शेष बचे हुए नागरिकों को निकालने के लिए रूस और यूक्रेन की सैन्य टुकड़ियों के बीच युद्धविराम की मांग की है और कहा है कि नागरिकों को निकालने के लिए सुरक्षित गलियारा बनाने के समझौते पर अमल अभी बाकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को कहा कि खारकीव में अब भी 300 के आसपास भारतीय फंसे हैं जबकि सुमी में इनकी संख्या करीब 700 है। पेशोचिन से पांच बसों में करीब 900 लोग निकाले गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने रूस के 3.30 करोड़ डॉलर फ्रीज किए
ऑस्ट्रेलिया ने रूस पर लगाए प्रतिबंधों के तहत करीब 3.30 करोड़ डॉलर ऑस्ट्रेलियाई वित्तीय संस्थान में फ्रीज किए। विदेश मंत्री मरीस पेन ने बताया पुतिन सहित 350 रूसी नागरिकों पर विभिन्न प्रतिबंध लगाए गए हैं। बेलारूस के रक्षा मंत्री विक्टोर क्रेनिन सहित वहां के 13 नागरिक भी प्रतिबंधित किए गए।

रूस ने विदेशी कंपनियों को दिए तीन विकल्प- रुको, जाओ या शेयर स्थानीय हाथों में दो
रूस पर चौतरफा आर्थिक प्रतिबंधों से सांसत में आई विदेशी कंपनियों को रूस ने शुक्रवार को तीन विकल्प दिए हैं। रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री आंद्रेई बेलोसोव ने यूक्रेन पर रूसी हमले के एक सप्ताह बाद तब ये विकल्प दिए जब फ्रांसिसी बैंक सोसिएट जनरल ने चेतावनी दी कि वह अपने रूसी कारोबार को समेट सकता है। इसके कारण रूस में रुकने का मन बनाने वाली कंपनियों में सिहरन दौड़ गई। 

बेलोसोव ने बयान जारी कर कहा, कंपनियां रूस में रुक कर कारोबार कर सकती है। दूसरा विकल्प यह है कि विदेश हिस्सेदार अपने रूसी साझेदारों को शेयर ट्रांसफर करके निकल सकते हैं और स्थिति ठीक होने पर लौट सकते हैं। तीसरा, कंपनी रूस में कारोबार स्थाई रूप से बंद करे, उत्पादन बंद करे और कर्मचारियों को हटा दे। बेलोसोव ने कहा, इनमें से कोई भी राह बिना जोखिम के नहीं है। जो रुकेंगे उन्हें पश्चिमी बाजार की आलोचना झेलनी होगी।
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