पाकिस्तान में सैन्य वाहनों पर आतंकियों ने हमला कर दिया। हमले में 14 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने बताया कि पसनी से ग्वादर जा रहे दो सैन्य वाहनों पर ओरमारा इलाके में आतंकियों ने घात लगाकर हमला कर दिया।
बलूचिस्तान के कार्यवाहक मुख्यमंत्री अली मर्दन डोमकी ने आतंकी हमले की निंदा की है। उन्होंने कसम खाई है कि हमले में शामिल आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सैन्य काफिले पर पहले भी हो चुका है हमला
इससे पहले, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी के आत्मघाती हमले में पाकिस्तानी सेना के नौ सैनिकों की मौत हो गई थी। दरअसल, एक बाइक सवार आत्मघाती आतंकी ने सेना के काफिले को धमाके से उड़ा दिया था। इस धमाके में पाकिस्तानी सेना के नौ सैनिकों की मौत हो गई थी और पांच अन्य घायल हो गए थे। पाकिस्तानी सेना के इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन शाखा ने बताया कि तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकड़ ने दुख जताया था और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं जाहिर की थी।
अब जानिए, टीटीपी के बारे में
टीटीपी कई आतंकी संगठनों का समूह एक है, जिसकी स्थापना साल 2007 में की गई थी। अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी संगठन का काफी प्रभाव है। बीती 30 जनवरी को पेशावर में एक मस्जिद में आत्मघाती आतंकी ने दोपहर की नमाज के दौरान खुद को उड़ा लिया था, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। साल 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुए टीटीपी के हमले में भी 130 से अधिक छात्र मारे गए थे, जिसकी पूरी दुनिया में आलोचना हुई थी।