एसिड अटैक पीड़िताओं को प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों में वरीयता देने जा रही है। इसकी शुरुआत महिला कल्याण विभाग से की जा रही है। पहले चरण में 11 जिलों में हाल ही खुले आशा ज्योति केंद्रों के पदों पर भर्ती में इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार इन केंद्रों के लिए पदों का सृजन कर रही है। महिला कल्याण प्रमुख सचिव रेणुका कुमार के मुताबिक एसिड अटैक पीड़िताओं को कहीं पर भी नौकरी नहीं मिलती है। इसलिए प्रदेश सरकार ने आशा ज्योति केंद्रों में होने वाली भर्तियों में इन्हें प्राथमिकता देने का निर्णय किया है।
इसकी शुरुआत महिला कल्याण विभाग से की जा रही है। विभाग इन्हें आशा ज्योति केंद्रों में रखेगा। खुद मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों सूबे के 11 जिलों में आशा ज्योति केंद्र खोले हैं।
महिलाओं को एक छत के नीचे सभी विभागों की सुविधाएं एक साथ दिलाने के लिए निर्भया केंद्र की तर्ज पर रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्र खुले हैं। इनके संचालन के लिए नियमित नियुक्तियों के दौरान एसिड पीड़िताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
देखें, कहां हैं आशा ज्योति केंद्र
आशा ज्योति केंद्र में दिखी आशा की किरण
- फोटो : Amar Ujala
महिला कल्याण विभाग इन दिनों आशा ज्योति केंद्रों के लिए पद स्वीकृत करवाने में लगा है। प्रत्येक केंद्र के लिए 28-28 पद स्वीकृत होंगे। इनमें काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टोर कीपर व साफ-सफाई करने वाले पद भी शामिल हैं।
इनमें एसिड पीड़िताओं की शैक्षिक योग्यता के अनुसार जो जिस पद के लिए अर्हता रखेंगी उन्हें नौकरी में वरीयता दी जाएगी। आशा ज्योति केंद्रों के लिए करीब 340 पद स्वीकृत किए जा रहे हैं।
आगरा, बरेली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, कन्नौज, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर और वाराणसी।