छह माह बाद भी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से मरीज निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में महंगा अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में आसपास के क्षेत्र के अलावा यूपी से भारी संख्या में मरीज इलाज को पहुंचते हैं। इनमें सामान्य मरीज और गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचती थी। 31 अक्तूबर 2024 को रेडियोलॉजिस्ट डॉ. खेमपाल सीएमएस के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। तभी से यह पद खाली चल रहा है। इसके चलते अस्पताल में आने वाले मरीज एवं गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। अस्पताल में चक्कर लगाने के बाद वह निजी डायग्नोस्टिक सेंटर एवं अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं। यह जांच अस्पताल से काफी महंगी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के बेहतर इलाज के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जानकारी होने के बाद भी विभाग और शासन कोई कदम उठाता नहीं दिख रहा है। काशीपुर सरकारी अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट का पद रिक्त होने की जानकारी है। रिक्त पदों की सूची मुख्यालय भेजी जा रही है। रेडियोलॉजिस्ट अभी कोई मिले नहीं है। प्रयास लगातार जारी है। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर