काशीपुर में कड़ाके की ठंड के बीच तीन दिन से डटे किसानों का लगभग छह हजार क्विटंल धान पोर्टल पर चढ़ने के बाद किसानों ने देर रात धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। शेष रह गए धान के पोर्टल पर चढ़ाने के संबंध में शुक्रवार को किसानों और राइस मिलर्स के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। क्रय-विक्रय सहकारी समिति कार्यालय के बाहर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसानों का धरना बीते सोमवार से चल रहा था। किसान धान को पोर्टल पर चढ़ाकर भुगतान की मांग कर रहे थे। किसानों का कहना था बीते अक्तूबर में तौल केंद्र पर तौले गए धान को अभी तक पोर्टल पर नहीं चढ़ाया गया है। इसके चलते किसानों का 20 से 25 हजार क्विंटल धान का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। किसानों की इस समस्या को लेकर बीते मंगलवार की रात से बुधवार दिनभर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने आंदोलनरत किसानों से वार्ता की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद बुधवार शाम को खाद्य विभाग की रीजनल मार्केटिंग ऑफिसर लता मिश्रा, एसएमओ दिनेश चंद्र, एडीओ सोसायटी संजय मयाल, समिति के लेखाकार राजकुमार सिंह ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की। एसएमओ चंद्र ने बताया गया कि पोर्टल पर धान अपलोड करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर तक थी। जिसके कारण काफी लंबे दौर की बात के बाद बुधवार रात में ही किसानों का लगभग 8 हजार क्विंटल धान में से छह हजार क्विंटल धान को रात 12 बजे तक पोर्टल पर अपलोड किया गया। शेष धान बच गया, जिसके संबंध में किसानों व राइस मिलर्स से वार्ता कर समाधान निकाला जाएगा।