रुड़की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रुड़की में विकासखंड रुड़की के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों को देख पराठा आलू का, मन ललचाया भालू का कविता के माध्यम से व्यवहारिक स्वरूप कर बच्चों को कक्षाओं में पढ़ाने के गुण सिखाए गए। प्रशिक्षुओं को कक्षा 1 से 2 तक के बच्चों को रुचिकर और प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को ये बताया गया कि किस प्रकार खेल, चित्र, समूह कार्य और दैनिक जीवन से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में भाषा और गणितीय समझ को मजबूत किया जा सकता है। इस अवसर पर समस्त प्रधानाध्यापकों ने स्वयं कक्षा कक्ष की विभिन्न गतिविधियों को करके दिखाया, जिससे प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यवहारिक स्वरूप मिला। डायट प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कक्षा कक्ष में बच्चों को कैसे बेहतर शिक्षा दी जाए इसके बारे में चर्चा की गई। प्रशिक्षक हेमेंद्र चौहान, प्रदीप बिष्ट एवं देवेंद्र कुमार ने सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों से कक्षा शिक्षण में नवाचार अपनाने और बच्चों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान जीनत परवीन, रीना, मनमोहन शर्मा, गोडविन जोन, नजमा अंसारी, मुनीश यादव आदि प्रधानाध्यापक मौजूद रहे।