हिमपात की संभावना और बढ़ती ठंड को देखते हुए व्यास घाटी के ज्योलिंगकांग में 14,500 फुट में स्थित आदि कैलाश में शिव-पार्वती मंदिर के कपाट पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना के बाद मंगलवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए हैं। अब मंदिर के कपाट अगले साल मई में यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि हिमपात की संभावना को देखते हुए मंदिर के कपाट बंद कर दिए हैं। पुजारी वीरेंद्र सिंह कुटियाल और टूर ऑपरेटर पुनीत सिंह कुटियाल ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती ठंड को देखते हुए ज्योलिंगकांग में घोड़े, खच्चर और होटल स्वामी अपने ग्राम कुटी को वापस लौटने लगे हैं। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर के बाद सभी सुरक्षा बल और ग्रामवासी नीचे की ओर लौट जाएंगे।