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साहित्यिक उत्साह व सांस्कृतिक गूंज के साथ नैनीताल साहित्य महोत्सव का आगाज

चारखेत स्थित माउंटेन मैजिक में शुक्रवार को नैनीताल साहित्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इसमें उत्कृष्ट कथावाचन, ज्ञानवर्धक सत्र और समृद्ध व्याख्यानों का संगम देखने को मिला। अनहद मॉर्निंग रागास में रवि जोशी ने अमन महाजन और गौरव बिष्ट के साथ मिलकर शास्त्रीय संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी।एक्सपैंडिंग होराइजंस ऑफ लिटरेचर सत्र में इंदु पांडे ने पहाड़ों की मिट्टी से जुड़े रहने का महत्व समझाया। ग्रोइंग अप विद वर्ड्स सत्र में प्रसिद्ध लेखक अर्थी मुथन्ना सिंह ने स्वाति दिग्विजय बोरा के साथ साहित्य के साथ बचपन के जुड़ाव पर चर्चा की। द इसेंशियल गालिब सत्र में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ. अनीसुर रहमान और भूपेंद्र चौबे ने मिर्जा गालिब की कालजयी रचनाओं पर विमर्श किया। किस्से कस्बों से सत्र में अशोक पांडे और दीपक बलानी ने छोटे शहरों की कहानियों और अपने अनुभवों को साझा किया। द कैनवास ऑफ नैनीताल सत्र में अनूप साह और इंद्रजीत ने शालिनी शाह के साथ संवाद किया। अमिताभ सिंह बघेल की पुस्तक जिंदगी से डरते हो का विमोचन किया गया। इस सत्र में गजल और नज्म काव्य विधाओं के अंतर बताया गया। कवि नून मीम राशिद के योगदान को रेखांकित किया गया। मास्टर्स ऑफ स्पाइसेस सत्र में गुंजन गोयला, पुष्पेश पंत और सदाफ हुसैन ने अंशु खन्ना के साथ भारतीय खाद्य परंपराओं और संस्कृति के अटूट संबंध पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि “भोजन की आत्मा मसालों में बसती है” और खाना पकाना सामग्री के प्रति समझ और सम्मान का विषय है।

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