जंगलों का दायरा सिमटने के साथ ही बंदरों ने शहरों की ओर रुख कर लिया है। ये शहर की सड़कों, गलियों और घरों पर जमकर उत्पात मचा रहे हैं। हल्द्वानी से नैनीताल तक हालात ऐसे हैं कि आम आदमी घर से निकलते वक्त बंदरों के डर से सहमा हुआ है। बेस अस्पताल में साढ़े तीन माह में आई 117 लोगों को काटने की घटनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि शहर में बंदरों का जंगलराज चल रहा है। पॉलीशीट जैसे इलाकों में लोगों ने अपनी बालकनियां लोहे की ग्रिल से बंद कर ली हैं ताकि बंदरों से बचाव हो सके। बेस अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर 2025 में बंदरों के काटने के सबसे ज्यादा 41 मामले सामने आए। नवंबर में 22, दिसंबर में 36 और जनवरी 2026 के शुरुआती 20 दिनों में ही 18 लोग बंदरों के हमले का शिकार बने। औसत देखें तो लगभग हर दिन एक व्यक्ति बंदर के हमले का शिकार हो रहा है।