नैनीताल तल्लीताल डांठ में स्थित गांधी प्रतिमा को ताकुला स्थापित करने, तल्लीताल हेरिटेज डाकघर को ध्वस्त करने, लकड़ीटाल में प्रस्तावित ऑटोमेटिक पार्किंग बनाने के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष उपवास रखा। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर, बैनर, सभा और जनगीतों के माध्यम से विरोध दर्ज किया। बाद में डीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया। जनकवि गिर्दा के प्रसिद्ध गीत हम लड़ते रैया भुला हम लड़ते रूंला... समेत अन्य जनगीतों के साथ प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने कहा कि तल्लीताल डांठ के सौंदर्यीकरण के नाम पर नैनीताल के विभिन्न आंदोलनों की गवाह रही तथा नगर की पहचान बन चुकी गांधी की प्रतिमा को हटाना ठीक नहीं है। यही नहीं 1873 में बने हेरिटेज डाकघर को भी हटाए जाने की कवायद चल रही है। इधर नगर के संवेदनशील बलियानाला के सुरक्षा कार्य में करोड़ों रुपये की धनराशि खर्च की जा रही है और दूसरी ओर पूर्व की विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट को दरकिनार कर उसी पहाड़ी पर तल्लीताल के पुराने लड़की टाल में ऑटोमेटिक पार्किंग बनाए जाने की कवायद की जा रही है। वहां राजीव लोचन साह, डाॅ. रमेश पांडे, अनूप साह, अनुपम कबडवाल, डाॅ. सरस्वती खेतवाल, प्रो. उमा भट्ट, शीला रजवार, लीला बोरा, दिनेश उपाध्याय, महेश जोशी, अनिल कुमार, चंपा उपाध्याय आदि थे।