कुंभ नगरी हरिद्वार में रविवार को भक्ति, आस्था और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय मुल्तान संगठन ने हरकी पैड़ी पर मुल्तान जोत महोत्सव का आयोजन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा के साथ दूध की होली खेली और शाम को पवित्र मुल्तान जोत प्रवाहित की गई। सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और पिचकारियों के साथ हरकी पैड़ी पहुंचे थे। मुल्तान जोत संगठन के महेंद्र नागपाल, दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सतपाल अरोड़ा और सुरेंद्र आहूजा भी मौजूद थे। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के साथ दूध की होली खेलकर अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। इसके बाद गंगा स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। दोपहर बाद खड़खड़ी स्थित चावला भवन से मुल्तान जोत महोत्सव की भव्य शोभायात्रा निकली। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच शोभायात्रा का मार्ग में पुष्पवर्षा से स्वागत हुआ। शाम को आरती से पहले आकर्षक ढंग से सजाई गई मुल्तान जोत श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखी गई। मंत्रोच्चार और वैदिक विधि-विधान के साथ जोत को मां गंगा में प्रवाहित किया गया। सुबह हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं ने मां गंगा के साथ दूध की होली खेली। यह आस्था और परंपरा का उत्साहपूर्ण प्रदर्शन था। इसके बाद सभी ने गंगा स्नान कर सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर में खड़खड़ी से निकली शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महेंद्र नागपाल ने बताया कि यह परंपरा वर्ष 1911 में भक्त रूपचंद ने शुरू की थी। उन्होंने पाकिस्तान के मुल्तान से हरिद्वार तक पैदल यात्रा कर पहली जोत लाई थी। इसी परंपरा का निर्वहन भक्तगण पूर्ण निष्ठा के साथ कर रहे हैं। जोत प्रवाहित होने के साथ ही आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। गंगा की लहरों पर तैरती दीप-ज्योति और आतिशबाजी ने मनोरम दृश्य प्रस्तुत किया।