काशी के सामनेघाट स्थित श्रीवैष्णव मठ के पीठासीन अधिकारी जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी संपतकुमाराचार्य ने चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मां गौरी के दर्शन अत्यंत पुण्यदायी माने जाते हैं और इससे भक्तों को सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वर्षभर में केवल एक बार ही आम श्रद्धालुओं को मां श्रृंगार गौरी के दर्शन का अवसर मिलता है, जो आस्था के दृष्टिकोण से पर्याप्त नहीं है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर दिन दर्शन की इच्छा रखते हैं, लेकिन उन्हें यह अवसर नहीं मिल पाता। जगद्गुरु संपतकुमाराचार्य ने शासन-प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि मां श्रृंगार गौरी के दर्शन की व्यवस्था प्रतिदिन की जानी चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु नियमित रूप से पूजा-अर्चना कर सकें। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था और परंपरा के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम बताया। उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रशासन इस दिशा में पहल करता है तो काशी की धार्मिक महत्ता और भी बढ़ेगी तथा श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।