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VIDEO : वाराणसी में युवती से अपराध के नौ आरोपी भेजे गए जेल, 12 नामजद और 11 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा

 खजुरी इलाके की 19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के नौ आरोपियों को मंगलवार की शाम लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने मेडिकल मुआयना के बाद अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। आरोपियों की पहचान सीर करहिया, लंका के राज विश्वकर्मा (20), नईबस्ती हुकुलगंज के आयूष धूषिया (19), बादशाहबाग लल्लापुरा के साजिद (19), हुकुलगंज के सुहैल शेख (20), लालपुर पांडेयपुर के दानिश अली (20), बड़ा चकरा लल्लापुरा के इमरान अहमद (19) व शब्बीर आलम उर्फ समीर अहमद (21), इंग्लिशिया लाइन के सोहेल खान (20) और मीरापुर बसही के अनमोल गुप्ता (28) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में राज लंका में कैफे संचालित करता है। अनमोल मलदहिया में कंटिनेंटल कैफे का संचालक है। जबकि, सात अन्य आरोपी दुकान या होटल में काम करते हैं। हालांकि सभी आरोपी स्पा सेंटर और हुक्का बार से जुड़े हुए हैं। खजुरी क्षेत्र की एक महिला की तहरीर के आधार पर उनकी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में लालपुर पांडेयपुर थाने में सोमवार की सुबह मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में 12 नामजद और 11 अज्ञात आरोपी हैं। महिला के अनुसार इंटरमीडिएट उत्तीर्ण उनकी बेटी गत 29 मार्च को घर से अपनी सहेली के यहां गई थी। वापसी के दौरान उसे रास्ते में राज विश्वकर्मा मिला और लंका स्थित अपने कैफे ले जाकर दुष्कर्म किया। उसके बाद से तीन अप्रैल तक उनकी बेटी के साथ 23 आरोपियों ने नशीला पदार्थ पिलाकर अलग-अलग स्थान पर दुष्कर्म किया। चार अप्रैल को उनकी बेटी घर आई और आपबीती सुनाई तो पांच अप्रैल को वह पुलिस से संपर्क की। उधर, इस संबंध में डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने बताया कि सर्विलांस और सीसी फुटेज की मदद से नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमों की दबिश जारी है। लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस आरोपियों का मेडिकल मुआयना कराने जिला अस्पताल गई। इसकी सूचना पाकर भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों को पीटने की कोशिश की तो लालपुर पांडेयपुर थाने के पुलिसकर्मी रोकने लगे। दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। हालांकि उन्हें बाद में छोड़ दिया गया। मौके पर मौजूद पत्रकार वीडियो बनाने लगे तो एक सिपाही बदसलूकी करते हुए मोबाइल छीन लिया। इसे लेकर पुलिसकर्मियों और पत्रकारों में जमकर नोकझोंक हुई। इससे पहले भी पुलिस यह प्रयास करती रही कि आरोपियों का चेहरा पत्रकारों के कैमरे में न आए।

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