जमियत उलेमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि माता-पिता की सरपरस्ती बच्चों के लिए खुशकिस्मती है। उनकी कद्र करें। जमीयत उलमा-ए-बनारस के जेरे इंतजाम दो दिवसीय सीरत काॅन्फ्रेंस में उन्होंने ये बातें कहीं। पुराना पुल स्थित बड़ी ईदगाह में आयोजित जलसे में उन्होंने कहा कि आज के बच्चों को मोबाइल ने खराब कर दिया है। उनको इस्लाम के सिद्धांतों पर जिंदगी गुजारनी होगी। उन्होंने कहा कि रहन-सहन में नरमी को अपनाना होगा। हमें अपने बच्चों और नौजवानों को अच्छा माहौल देना होगा। दारुल उलूम देवबंद के प्रो. मौलाना अशरफ अब्बास ने कहा कि दुनिया में दशहत और लड़ाई-झगड़े का माहौल है। इससे निजात पाने के लिए हमें नबी के बताए रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने लड़ाई-झगड़े के दौर में अमन कायम किया। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि आज मुसलमानों को अपने रहन-सहन को संवारना होगा। इस्लाम के मुताबिक जिंदगी जीनी होगी। मौलाना मुहम्मद कासिम, मौलाना अनवारुल हक, हाजी अबुल हासिम ने भी खिताब किया। निजामत मौलाना अहमद शकील ने किया।