गुरुपूर्णिमा पर पांच दिवसीय कजरी कार्यशाला के समापन पर लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कजरी, दादरा, झूला, चैती के साथ ही अवधी गीत पर युवा संगीतकारों को कई नए विधाओं से परिचय कराया। कजरी कार्यशाला की थीम रिमझिम बरसे बदरिया पर युवा कलाकारों को पूर्वांचल सहित लखनऊ, सीतापुर, प्रतापगढ़, उन्नाव की लोक संगीत की शैली सिखाई गई।