गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खतरे के निशान यानी 71 मीटर से अब गंगा का पानी महज सात मीटर नीचे रह गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा और वरुणा किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को अब बाढ़ की आशंका सताने लगी है। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए गंगा में नावों का संचालन रोक दिया गया है। नाविकों से अपील की गई है कि छोटी-बड़ी सभी नावों को सुरक्षित स्थान पर बांधकर खड़ा कर दें। गंगा में नावों को मानो ‘लॉकडाउन’ कर दिया गया है। सावन के चलते काशी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ है। ऐसे में घाटों पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति बढ़े हुए जलस्तर के बीच गंगा में उतरने या जोखिम उठाने की कोशिश न करे।