मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। क्षेत्र की जर्जर मोतिगरपुर-गोशैसिंहपुर मार्ग को लेकर आम आदमी पार्टी ने रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। सदर विधानसभा संगठन प्रभारी एवं प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दूबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़क की दुर्दशा पर “श्रद्धांजलि सभा” आयोजित कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे बने सांकेतिक मील पत्थर पर पुष्प अर्पित किए, दो मिनट का मौन रखा और सड़क के उखड़े हुए टुकड़ों को ‘अस्थि कलश’ में भरकर लाल कपड़े से बांधा। इसके बाद उसे विधि-विधानपूर्वक आदि गंगा गोमती में विसर्जित किया गया। इस अनोखे प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान खींचा। वंशराज दूबे ने कहा कि “वर्षों से इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई। आए दिन वाहन फंस जाते हैं, दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, लेकिन जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौन हैं।” उन्होंने कहा कि श्रद्धांजलि देकर आम आदमी पार्टी ने यह संदेश दिया है कि जनता अब अपनी समस्याओं को अनदेखा नहीं होने देगी, और न ही चुप बैठेगी। टूटी सड़कें सरकार के विकास के दावों की हकीकत उजागर कर रही हैं। इस मौके पर राकेश सिंह, दिलीप यादव, धर्मराज सिंह, रमाशंकर, कुलदीप यादव, रौनक सिंह, उमाशंकर, श्रेयश पांडेय, विवेक मिश्र, वेद शुक्ल, देवांश, सोनू मौर्य, हैपी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिस सड़क के निर्माण को मुद्दा बनाकर प्रदर्शन किया, उसका शिलान्यास सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने 28 मार्च 2025 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से किया था। उस समय सदर विधायक द्वारा बताया गया कि 4.51 करोड़ रुपए की लागत से सड़क का निर्माण होगा, जबकि अनुरक्षण के लिए 1.50 करोड़ रुपए की धनराशि धरोहर के रूप में स्वीकृत होने की बात कहीं थी। कार्यवाही संस्था ने भूमि पूजन से पूर्व गोशैसिंहपुर से मोतिगरपुर के बीच बने गड्ढों में गिट्टी और डस्ट डालकर समतलीकरण का काम शुरू किया था। लेकिन भूमि पूजन के बाद से 7 महीने का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सड़क पूरी तरह से टूटकर गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। खरगपुर, अहदा, अहिरौली, गोरसरी, मलिकपुर बखरा, डींगुरपुर बनकेगांव, खेमपुर, विंदवन, भवानीपुर व गोशैसिंहपुर से बनी तक लेकर करीब दर्जनभर गांव के लोग जान हथेली पर लेकर चलने को मजबूर है। 30 मई 2023 को बिरसिंहपुर स्थित 100 बेड वाले संयुक्त चिकित्सालय के लोकार्पण के बाद इसी मार्ग से वापस जिला मुख्यालय वापस लौटे थे। समीक्षा बैठक के दौरान सड़क के मुद्दे पर जिम्मेदारों को गड्ढा मुक्त करने का स्पष्ट निर्देश देने के बाद भी आज तक कोई काम नहीं हुआ।