पति की लंबी उम्र और मंगलकामना के लिए महिलाओं ने बृहस्पतिवार को करवा चौथ का व्रत रखा। पूरे दिन निराजल रहने के बाद देर शाम विधि विधान से पूजा की। सोलह श्रृंगार में सजकर महिलाओं ने चलनी में चांद का दीदार किया। फिर पति के हाथों पर पानी पीकर व्रत को पूरा किया। आसमान में बादलों के चलते चांद को देखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में तमाम महिलाओं ने शुभ मुहूर्त के आधार पर व्रत तोड़ा।