नगर की सीमा विस्तार और वार्ड के नाम बदले जाने के 2 साल बाद भी कोई बोर्ड नहीं लगा था। इसलिए वार्ड की पहचान छिपी हुई थी गांव के रूप में ही लोग जानते थे कागजों में तो मोहल्ले के नाम थे लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा न होने के कारण लोगों को वार्ड में जाने के लिए परेशान होना पड़ता था। अमर उजाला ने इसको मुहिम बनाया और प्रमुखता से प्रकाशित किया तो सिद्धार्थनगर नगर पालिका की ओर सभी 25 वार्डों में बोर्ड के साथ वार्ड का नाम लिखा जा रहा है वीडियो में देख सकते हैं।