वाराणसी निवासी राधेराम सोमवार को अपने बेटे शाहजहांपुर के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार से मिलने अचानक उनके कार्यालय पहुंच गए। यह तैनाती के बाद पिता की बेटे से पहली मुलाकात थी। बेटे को बिना बताए पहुंचे पिता ने फरियादी की तरह हाथ जोड़कर नमस्कार किया। सामने पिता को देख एडीएम भावुक हो गए। इस भावुक क्षण में पिता ने बेटे को नसीहत दी कि यह न्याय की कुर्सी है, किसी से रिश्वत मत लेना, गरीबों को मत सताना। जैसे भगवान के घर न्याय होता है वैसे ही इस कुर्सी से भी न्याय देना। एडीएम अरविंद कुमार ने पिता की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें सम्मानपूर्वक अपने बराबर की कुर्सी पर बैठाया।