फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Video: रायबरेली...जहां लगने थे उद्योग, उस भूमि पर लहलहा रही फसल

उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) की सुस्ती और लापरवाही का नतीजा रहा कि जिले के औद्योगिक आस्थानों की भूमि पर गेहूं की फसल लहलहा रही है। उद्योग स्थापित कराने के लिए वर्षों पूर्व यहां निर्माण तो कराया गया, लेकिन उद्योग चल नहीं पाए। यह दीगर बात रही कि कांग्रेस के शासनकाल में यहां कांग्रेस की सेवादल की टीमों का कार्यक्रम होता था। करीब 16 बीघे भूमि वीरान पड़ी है। उद्योगों की जगह फसल तो कहीं कब्जा करके ट्यूबवेल लगवा लिया गया है। परशदेपुर के मटियारा चौराहे के पास स्थिति औद्योगिक भूमि पर बना भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। लगभग 16 बीघे जमीन में फैली औद्योगिक भूमि के अधिकतर भू-भाग पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। भूमि पर बने भवन के आस पास की लगभग सात-आठ बीघा जमीन बची है। किसान भूमि पर कब्जा करके फसल उगा रहे हैं। बताते हैं कि नगर पंचायत ने औद्योगिक क्षेत्र की भूमि पर अपना ट्यूबवेल भी लगवा लिया है। आरक्षित भूमि की सुरक्षा के बंदोबस्त न होने के कारण लोगों का कब्जा जारी है। पूर्व में देखभाल के लिए तैनात चौकीदार आता था, लेकिन अब कोई नहीं आता है। लोगों में जागी उद्योग लगने की उम्मीद यूपीसीडा से औद्योगिक आस्थानों का जिम्मा वापस लेकर उद्योग केंद्र को देने के आदेश के बाद लोगों में उम्मीद जागी है। लोगों को उम्मीद है कि औद्योगिक क्षेत्र में उद्यम स्थापित होंगे, जिनकी वजह से क्षेत्र के उद्यमियों और लोगों को रोजगार मिल सकेगा। वीरान पड़ी भूमि भी सुरक्षित हो सकेगी। रायबरेली के उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य ने बताया कि यूपीसीडा से जल्द जिले के औद्योगिक आस्थानों का जिम्मा मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। भूमि को सुरक्षित कराने के साथ ही शासन की मंशा के अनुरूप उद्योगों को बढ़ावा देने का काम होगा। क्षेत्रीय उद्यमियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें