आसमान में छाई अचानक धुंध ने तिलहनी, आलू और दलहल की की खेती करने वाले किसानों में चिंता बढ़ा दी है। खासकर आलू की फसल को झुलसा रोग लगने की संभावना है। किसानों का कहना है कि बदले मौसम में यदि बारिश व कोहरा अधिक हुआ तो फसल को नुकसान होना तय है। हालांकि गेहूं की खेती करने वाले किसानों के लिए यह वरदान साबित होगा। पूरे घासी के किसान बबलू द्विवेदी व बटऊवा गांव के किसान किशोर यादव ने बताया कि इस समय सरसों की फसल में फूल निकल रहे हैं। इस समय कोहरा अधिक पड़ा तो फसल में माहू लग सकता है, इससे उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। पाला पड़ने से तिलहनी फसलों की वृद्धि थम जाएगी। मौसम का प्रभाव आलू की फसल पर भी पड़ रहा है। आलू में झुलसा रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि गेहूं की खेती करने वाले किसानों बदलते मौसम को देख खुश हैं। गेहूं की फसल को बारिश और कोहरे से फायदा होगा। कृषि रक्षा इकाई अधीक्षक पीके मिश्र ने बताया कि सरसों की फसल में पाला लग रहा है तो किसान भाई सल्फर का छिड़काव कर दें। यह दवा सभी सरकारी स्टोर पर उपलब्ध हैं।