गेगासों के गंगा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। अब पुल से सिर्फ बाइकें व थ्रीव्हीलर ही निकल पा रहे हैं। नतीजतन नगर से गुजरने वाला ट्रक, बस, लोडर, टेंपो और पिकअप सब बंद हैं। इससे न सिर्फ यातायात, बल्कि व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लालगंज नगर में फल और सब्जी का व्यापार लगभग आधा रह गया है। दूसरी ओर, मौरंग, गिट्टी, सीमेंट और सरिया जैसी बिल्डिंग सामग्री के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। अब वाहनों को 25 किलोमीटर का चक्कर लगाकर नगर में प्रवेश करना पड़ रहा है। इससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है और समय भी ज्यादा लग रहा है। सब्जी मंडी अध्यक्ष सुरेश सोनकर बताते हैं कि पहले फतेहपुर से हर रोज 25 पिकअप हरी सब्जी आती थी। अब व्यापारी सीधे रायबरेली मंडी जा रहे हैं, क्योंकि रास्ता लंबा हो गया है और लागत बढ़ गई है। फल विक्रेता राजेंद्र सोनकर कहते हैं कि जब फतेहपुर की गाड़ियां आती थीं तो गांधी चौराहा गुलजार रहता था, अब ग्राहकी आधी हो गई है। मोटर मैकेनिक हरिनारायण सिंह उर्फ रिंकू भैया बताते हैं कि व समरसेबल मोटर बनाते हैं। फतेहपुर से बहुत काम आता था, अब लोग आ ही नहीं पा रहे। बहुत नुकसान हो गया है। पुल बंद होने से न केवल शहर बल्कि गोंडा, बाराबंकी, हैदरगढ़ समेत कई जिलों का संपर्क बाधित हो गया है। गंभीर मरीजों को फतेहपुर या लखनऊ ले जाना भी मुश्किल हो गया है। जिला पंचायत सदस्य आशीष यादव कहते हैं लालगंज से फतेहपुर की दूरी कम थी। लोग वहीं से जरूरी सामान खरीदते थे। अब वहां पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष विवेक शर्मा कहते है कि बांदा-बहराइच मार्ग लालगंज की लाइफलाइन है। पुल बंद होने से पूरा व्यापार ठप पड़ गया है। हैरानी की बात यह है कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह संकट सिर्फ व्यापार का ही नहीं है। जनजीवन से जुड़ी हर जरूरत पर असर डाल रहा है। जनता उम्मीद कर रही है कि सरकार और प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे और पुल की मरम्मत शीघ्र शुरू हो। कहा कि व्यापार मंडल जल्द ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन देगा ताकि पुल की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो सके।