उत्तर रेलवे लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) एसके वर्मा ने बृहस्पतिवार को शहर के रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण किया। करीब सवा घंटे तक चले निरीक्षण में डीआरएम ने संरक्षा मानकों को परखा और खामियां भी ढूंढने का प्रयास किया। वाशिंग लाइन को और अधिक सुदृढ़ करने की बात कही। साथ ही भविष्य में क्षमता बढ़ाने का भरोसा दिया, ताकि ज्यादा कोचों का मेंटीनेंस कराया जा सके। डीआरएम ने लोको लॉबी का मुआयना किया तो वहां पर जगह कम मिली। लोको पायलटों और ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) के लिए जगह पर्याप्त न होने पर पास में बने कोचिंग डिपो कार्यालय (सीडीओ) वाली जगह को भी लोको लॉबी का हिस्सा बनाने की बात कही। कोचिंग डिपो कार्यालय को कोचिंग कांप्लेक्स में शिफ्ट करने को कहा। लोको लॉबी में आरओ का फिल्टर खराब होने पर नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई। निर्माण के समय से ही खाली पड़े मल्टी-फंक्शनल कांप्लेक्स (एमएफसी) में कबाड़ पड़ा होने और गंदगी पर नाराजगी जताई। जीआरपी के पास वाले प्लेटफॉर्म गेट बंद करने और यहीं पर ट्रैक किनारे मिट्टी का ढेर हटाने को कहा। पावर केबिन में स्टाफ से संरक्षा संबंधी सवाल पूछे। पूर्वी छोर के टर्निंग पॉइंट का निरीक्षण कर उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों के लगने से होने वाले फायदे के बारे में पूछा। तीसरे पैदल पुल की टूटने लगी उम्मीदें रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर पहले से दो पैदल पुल बने हैं, जिनकी चौड़ाई कम है। इन दोनों के बीच ही 12 मीटर चौड़ाई वाले तीसरे पैदल का निर्माण शुरू हुआ था, जिसका काम करीब छह महीनों से ठप है। इसके निरस्त होने की चर्चाएं भी खूब हैं, लेकिन कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। डीआरएम ने भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कहा कि इस बारे में पता करेंगे कि आखिर सही स्थिति क्या है। निरीक्षण के दौरान मातहतों से इतना जरूर कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर चार पर तीसरे पैदल पुल के लिए खंभों के बेस तैयार हैं, जिन्हें इस तरह छिपाया जाए कि यात्रियों को आवागमन में दिक्कत न हो और जरूरत पड़ने पर भविष्य में उपयोग किया जा सके। डीआरएम ने द्वितीय प्रवेश द्वार के निर्माण कार्य जायजा लिया। आवगमन के रास्तों को चौड़ा कराने की बात कही। (संवाद) हर जगह चस्पा करने होंगे मोबाइल नंबर रायबरेली शहर के रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बने शौचालय की व्यवस्था देखने पहुंचे डीआरएम ने आदेश दिया कि जिम्मेदार लोगों के मोबाइल नंबर चस्पा किए जाएं। इसके साथ ही पार्सल समेत उन सभी काउंटरों पर ऐसी व्यवस्था करने को कहा, जहां यात्रियों को अक्सर समस्याओं से जूझना पड़ता है। मोबाइल नंबर चस्पा होने से यात्रियों को कोई दिक्कत होने पर फोन करके वे अपनी समस्या बता सकेंगे। इससे समस्या के त्वरित निस्तारण में आसानी होगी। अमृत भारत योजना के कार्यों की हकीकत देखी लखनऊ से निरीक्षण पर निकले डीआरएम ने रास्ते में मोहनलालगंज के बाद बछरावां रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। बछरावां में अमृत भारत योजना के तहत 4.50 करोड़ रुपये से पुनर्विकास कार्य चल रहा है। डीआरएम ने इन्हीं कार्यों का जायजा लिया। कार्यों की हकीकत जानने के साथ गुणवत्ता भी परखी। प्लेटफाॅर्मों पर यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था न होने पर नाराजगी जताई। कर्मचारी आवासों व स्टेशन की साफ-सफाई और रेलवे ट्रैक की नियमित चेकिंग कराने को कहा।