हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ऐतिहासिक ओई गांव में बारिश के दौरान जमीन धंसने से बनी रहस्यमयी सुरंग को लेकर लोगों में उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। घटना के चार दिन बाद भी प्रशासन की ओर से मौके पर बैरिकेडिंग या सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। मामले में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने पुरातत्व विभाग को जांच के लिए पत्र भेजा है, लेकिन मौके पर सुरक्षा व्यवस्था अब तक नहीं कराई गई है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग सुरंग देखने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार रोजाना करीब 400 से 500 लोग मौके पर आ रहे हैं और कई लोग जान जोखिम में डालकर सुरंग के भीतर उतर रहे हैं। रविवार को सुरंग में उतरे कुछ ग्रामीणों को मिट्टी की प्राचीन सुराही और हैंडल वाली धूपदानी (हंडी) जैसी पुरानी वस्तुएं मिलीं। इन वस्तुओं के मिलने के बाद लोगों का मानना है कि सुरंग के भीतर ऐतिहासिक महत्व के अवशेष हो सकते हैं। हालांकि इसकी पुष्टि पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों और खेत मालिक ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरंग के चारों ओर बैरिकेडिंग नहीं कराई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा घेरा बनवाने और पुरातत्व विभाग की देखरेख में वैज्ञानिक तरीके से खुदाई शुरू कराने की मांग की है। अब लोगों की निगाहें पुरातत्व विभाग की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।