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VIDEO: बजट से रायबरेली में विकास को मिलेगी रफ्तार, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर भी जोर

बजट में प्रदेश सरकार ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए सात प्रतिशत अधिक बजट आवंटित करने की घोषणा की है। इससे शिवगढ़ में बन रहे प्रदेश के दूसरे नंबर के हाईटेक शहद उत्कृष्टता केंद्र के और सुविधाओं के लैस होने का रास्ता खुल गया है। बजट सत्र के दौरान महिला सामर्थ्य योजना से रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, फतेहपुर, कानपुर नगर में मुख्य दुग्ध उत्पादन पहल के तहत एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज पर और अधिक खर्च करने का एलान किया गया। जिले में एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज के सहयोग से महिला केंद्रित मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी काम कर रही है। मुख्य रूप से सभी जिले बलनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़े है, जो बुंदेलखंड के आस-पास के जिलों में 63,000 से अधिक महिलाओं के साथ काम कर रही है। जिले में भी डेयरी सर्विसेज से करीब 30 हजार महिलाएं लाभांवित हो रही हैं। साथ ही ही शहर में विले फ्रेश और सामर्थ्या डेयरी से महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इससे महिला की आर्थिक स्थिति ठीक हो रही है तो साथ ही दुग्ध उत्पादन में भी जिला आगे बढ़ रहा है। यूपी के बजट में इलेक्ट्रिक बसों के संचालक पर जोर दिया गया है। इससे जिले के यात्रियों को प्रदूषण रहित सफर करने का मौका मिलेगा। लखनऊ और कानपुर से जल्द ही रायबरेली के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। इसके लिए डिपो में चार्जिंग पॉइंट लगाने का प्रस्ताव है। रायबरेली डिपो के अलावा लालगंज व बछरावां स्टेशन चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे। बजट की व्यवस्था होने के बाद जल्द ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित होते बसों का संचालन शुरू हो सकेगा। जिले के राही ब्लॉक के इकछनिया में लंबे समय से वीरान पड़ी हवाई पट्टी के दिन बहुरने वाले हैं। बजट में जिस तरह हवाईपट्टी विकसित करने की बात वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने की। उससे साफ है कि जिले में भी हवाईपट्टी विकसित होंगी। ऐसे में इकछनिया की हवाईपट्टी के दिन बदलने की उम्मीद है। बुधवार को आए प्रदेश के बजट में रोजगार को बढ़ावा देने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इसका फायदा जिले के उद्यमियों और बेरोजगारों को मिलेगा। शहर के स्पिनिंग मिल की भूमि पर औद्योगिक पार्क बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा बेकार पडे़ औद्योगिक आस्थानों की सूरत भी अब बदलेगी। ऐसा होने के बाद एक ओर जहां नए उद्योग स्थापित होंगे, वहीं बेरोजगार के हाथों को काम मिल सकेगा। काम के लिए लोगों को भटकना नहीं पडे़गा।

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