रायबरेली में 'अर्नब' के प्रभाव और बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विकासखंड महराजगंज क्षेत्र के पुरासी, जमुरावां, कोटवा मोहम्मदाबाद, भटसरा, मझिगवां सहित आसपास के कई गांवों में हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण पककर तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई है, वहीं कटाई के बाद खेतों में रखी फसल बारिश में भीगने से खराब होने की आशंका बढ़ गई है। क्षेत्रीय किसान जगत नारायन मिश्रा, अरुण कुमार सिंह, शत्रोहन सोनी, संत कुमार चौधरी, मनोज मिश्रा, श्याम बहादुर सिंह, अंजनी दीक्षित, महेश अवस्थी, रामशरन लोधी, बाबूलाल और राम प्रकाश आदि ने बताया कि किसानों ने पूरे साल कड़ी मेहनत कर धान की फसल तैयार की थी। फसल पककर कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन अचानक हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में फसल गिरने से कटाई में परेशानी होगी और उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। किसानों के सामने अब भीगी हुई धान की फसल को सुरक्षित बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश के पानी से खेतों में जलभराव होने के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वहीं कटी हुई फसल में अधिक नमी रहने से दानों के काले पड़ने, अंकुरित होने और फफूंद लगने का खतरा बना हुआ है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेती में पहले ही खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च हो चुका है। ऐसे में तैयार फसल को नुकसान पहुंचने से उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।