कस्बे के रायबरेली रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास बन रहे नाले के कारण मंगलवार की सुबह जाम लग गया। सुबह 8 बजे से करीब डेढ़ घंटे तक भारी जाम लगा रहा। यह जाम करीब 9:30 बजे जाकर खत्म हुआ। जाम में कई वाहन फंसे रहे। रोडवेज बसों और स्कूली वाहनों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ऑफिस जाने वाले लोग देर से पहुंचे। रेलवे लाइन के बगल चिमनामऊ मोहल्ले में नाला चोक होने के कारण घरों में पानी भर रहा था। मोहल्ले के लोगों की शिकायत पर रेलवे क्रासिंग के निकट नाले को खोदकर नगर पंचायत के नाले पर मिलाया गया। नाला निर्माण के लिए सड़क को खोदना पड़ा। नाले के आधे हिस्से को सीमेंट की मोटी स्लैब डालकर पाटा जा चुका है जबकि नाले का आधा हिस्सा अभी अधूरा है। इसी कारण रास्ता काफी संकरा हो गया है। वाहन चालकों को सिर्फ सड़क पर आठ फुट चौड़े हिस्से से गुजरना पड़ रहा है। इस रास्ते पर दो बड़े वाहन एक साथ नहीं निकल सकते। मंगलवार को इसी हिस्से में कई बड़े वाहन फंस गए। इससे पूरा ट्रैफिक धीमा हो गया। सैकड़ों लोग अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। पहले से बने नाले में रखे गए सीमेंट के स्लैब धंसने लगे हैं। इससे हादसे की आशंका बढ़ गई है। आसपास के लोगों का कहना है कि नाले का निर्माण घटिया तरीके से हुआ है। न मानक का ध्यान रखा गया और न ही सुरक्षा का। नगरवासी अमित यादव का कहना है कि नाला निर्माण का कार्य जल्द पूरा कराया जाए ताकि जाम की समस्या से निजात मिले। सोनू मौर्या ने कहा कि कुछ दिन पहले ही नाले में ढाले गए पुराने स्लैब की जांच की जानी चाहिए। रवी बाजपेई ने कहा कि हर रोज जाम का ऐसा ही हाल है। स्कूल टाइम पर बच्चे जाम में फंसते हैं। रेलवे कर्मचारी राजबहादुर का कहना है कि जाम के खुलते ही वाहन चालक तेजी से निकलने के चक्कर में अक्सर वाहनों को गेट में फंसा देते हैं। बूम तोड़ना अब आम हो गया है। बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है।