मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र में 15 वर्ष पूर्व मां और बेटे की हत्या के मामले में न्यायालय ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय, न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने यह फैसला सुनाया। मामला वर्ष 2011 का है। सलेमपुर गांव निवासी सुरेश की पत्नी राजेश देवी अपने छह वर्षीय पुत्र हिमांशु के साथ सात नवंबर को घर से निकली थीं, जिसके बाद दोनों लापता हो गए थे। 13 नवंबर को चरथावल क्षेत्र के जंगल से मां-बेटे के क्षत-विक्षत शव बरामद हुए थे। परिजनों ने 14 नवंबर को शवों की पहचान की थी। पुलिस जांच में बरेली जनपद के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के पराबाहुद्दीनपुर गांव निवासी रईस उर्फ रहीस उर्फ जहूर हसन का नाम सामने आया। अभियोजन के अनुसार मृतका और आरोपी के बीच संबंध थे। महिला आरोपी के साथ रहने की जिद कर रही थी, जिससे नाराज होकर आरोपी ने ईंट से कूचकर मां और बेटे की हत्या कर दी थी। पुलिस ने 11 दिसंबर 2011 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया और उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई।