मुजफ्फरनगर। संत विजय कौशल महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि कानों से श्रीराम की बात सुनिए और होंठो से श्रीराम की बात करिए। वैज्ञानिक सिद्धांत है कि जो कानों से सुना जाता है, वही मुख मार्ग से बाहर निकलता है। कानों से भगवान की कथा सुनेंगे तो दिनभर भगवान की बातें करेंगे। नई मंडी स्थित रामलीला भवन में उन्होंने कहा कि कथा सुनने से भगवान के दर्शन की इच्छा पैदा होगी, दर्शन की चाह पैदा होगी। समय निकालकर कथा सुनिए। शुभ को बहाने बनाकर भी सुनना चाहिए। संत ने जीवन के सुख-दुख को ईश्वर पर छोड़ने, मन को ईश्वर भक्ति में लगाने और धर्म पर चलने पर जोर दिया। कथा का श्रवण करने से मनुष्य को आत्मशांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।कलयुग में कथा के श्रवण से ही कल्याण संभव है।