कार चलाते समय ड्राइवर को लगी झपकी से यदि उसकी पलकें तीन सेकेंड के लिए बंद होती हैं तो कार की गति खुद-ब-खुद धीमी हो जाएगी और कार सड़क किनारे पहुंचकर रुक जाएगी। यह संभव हो सकेगा आर्टिफिशियल इंटेजीलेंस तकनीक आधारित चश्मे से। इस चश्मे की तरंगों को कार की गति और सड़क के कच्चे किनारे से जोड़ा गया है। नींद की वजह से सड़क हादसे रोकने के उद्देश्य से ड्राइवर को यह चश्मा पहनना होगा। यह मॉडल प्रदर्शित किया कक्षा दस की छात्रा रागिनी सिंह ने। वह ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर मेरठ प्रांत से हैं। कृष्णा बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मंगूपुरा में तीन दिवसीय क्षेत्रीय विज्ञान मेला का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान मेला के दूसरे दिन रविवार को मेरठ, ब्रज और उत्तरांचल प्रांत से आए करीब 253 विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों का प्रदर्शन किया। शिशु वर्ग, बाल वर्ग, तरुण वर्ग एवं किशोर वर्ग तक के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, अक्षय ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान, जल संरक्षण, जैव प्रौद्योगिकी, एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर अपने मॉडल बनाए हैं। उन्होंने अपने वैज्ञानिक प्रदर्शो, प्रयोगों, प्रश्न मंच एवं पत्र वाचन आदि के माध्यम से विज्ञान के प्रति अपनी सृजनात्मकता एवं प्रतिभा का परिचय दिया। अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री विद्या भारती के यतींद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस विज्ञान मेला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि उत्पन्न करने के लिए है। इस प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थी 13 से 15 नवंबर को मेरठ में आयोजित अखिल भारतीय विज्ञान मेले में प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान निदेशक ओम प्रकाश सिंह, डोमेश्वर साहू, प्रभात कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य कपिल देव, उपेंद्र आदि रहे।