मुरादाबाद में जीवांजलि कार्यक्रम के आध्यात्मिक सत्र में जया किशोरी ने कहा कि दूसरों को खुश रखने से पहले खुद के लिए खुश रहना जरूरी है। जब इंसान भीतर से प्रसन्न होगा तभी वह खुशी और शांति का संदेश दूसरों तक पहुंचा सकेगा। बारिश और उल्लास के बीच जब जया किशोरी मंच पर पहुंचीं तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इससे पहले रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए।