मेरठ। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की सिटी कॉलोनी में पति-पत्नी जाविदा और आबाद के सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में सोमवार को दोषी पाए गए समीर को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने दंपती की नाबालिग बेटी की गवाही को पुख्ता आधार माना। सिटी कॉलोनी में रहने वाले आबाद और उनकी पत्नी जाविदा की गला रेत कर 20 सितंबर 2021 की रात हत्या कर दी गई थी। इस मामले में ब्रह्मपुरी पुलिस ने आरोपी समीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी के खिलाफ ब्रह्मपुरी पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन अधिकारी फरजाना मकसूद ने बताया कि समीर उर्फ हसीन पुत्र मईनुद्दीन ग्राम गोटका थाना सरूरपुर दंपती के ही के घर पर सोया था। रात में शोर मचने पर नाबालिग पुत्री सानिया ने देखा कि समीर उसके मम्मी-पापा को दाव और चाकू से मार रहा था। घटना की जानकारी सानिया ने अन्य लोगों को तुरंत दी। न्यायालय के समक्ष सानिया उसके भाई शादाब सहित कुल 14 गवाहों के बयान दर्ज हुए। सानिया ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में सारी घटना बयां की। उसने बताया था कि समीर को हम सब भी मामा कहते थे और मामा ने ही उसके मम्मी-पापा की हत्या कर दी। बयान दर्ज कराने के बाद सानिया अपने नाना-नानी के यहां असम चली गई थी। उसकी जान को खतरा देखते हुए उसके बयान न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लिए गए थे। पड़ोसी दिलशाद ने अपने बयान में कहा था कि हत्यारोपी को उसने घर में आते देखा था। मौके पर दरोगा प्रह्लाद सिंह ने हत्या में प्रयुक्त किए गए पशु काटने वाले औजार बरामद किए थे। न्यायालय ने हत्यारोपी समीर को सजा सुनाते हुए अपने आदेश में कहा कि दाव व चाकू से गला रेतकर हत्या करना गंभीर प्रवृत्ति का आरोप है। यह समाज को झकझोर देने वाला कृत्य है। उसका घर पर आना-जाना और मेहमान की तरह रुककर हत्या करना गंभीर है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि 10 साल की बालिका सानिया बचाव में शोर मचाती रही, लेकिन आरोपी ने उसके सामने ही उसकी मां की गला रेतकर हत्या कर दी। न्यायालय ने समीर उर्फ हसीन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की आधी धनराशि सानिया को दिए जाने का आदेश न्यायालय ने दिया है।