मेरठ। आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था शुभम करोति फाउंडेशन की ओर से आभा मानव मंदिर वृद्धाश्रम पंचवटी कॉलोनी के प्रांगण में दूसरे दिन भी कथा जारी रही। गोस्वामी तुलसीदास जयंती के उपलक्ष्य में रामचरित मानस ज्ञान यज्ञ सप्ताह के तहत यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने कहा कि अज्ञानता ही मानव के दुखों का मूल कारण है। उन्होंने बालकांड पर तात्विक प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि सती में भगवान शिव के प्रति प्रेम तो था पर संशय भी था। पार्वती जी श्रद्धा से परिपूर्ण, संशय रहित और जिज्ञासु प्रवृत्ति की प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि दुख का मूल कारण भीतर का अज्ञान और संशय है। मनुष्य संसार में सुख की प्राप्ति के लिए कर्म करता है। सच्चा सुख तभी मिलता है, जब कर्म श्रद्धा और ज्ञान के साथ किए जाएं। स्वामी जी ने कहा कि ईश्वर को परीक्षा का विषय नहीं बनाना चाहिए। साधक को अपने धर्म और कर्मों की परीक्षा लेनी चाहिए।