मथुरा के वृंदावन में शराब ठेका को जबरन बंद कराने के मामले में गायब चल रहे आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। आरोपियों के अधिवक्ता ने पांचों की जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी की जमानत को खारिज करते हुए 9 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के आह्वान के बाद कुछ युवकों ने वृंदावन में शराब के तीन ठेकों को जबरन बंद करा दिया था। सेल्समैन जितेंद्र की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई। सोमवार को पुलिस ने घटना में शामिल आरोपी पूर्वी दिल्ली, थाना उस्मानपुर शास्त्री पार्क की गली नंबर-3 स्थित जी86/1 निवासी दक्ष चौधरी उर्फ दीपक वर्मा, रायबरेली के थाना शिवगढ़ स्थित ग्राम कुम्भी एवं हाल निवासी गामड़ी चौथा पुस्ता के मकान नंबर ए-479 निवासी अभिषेक ठाकुर, हापुड़ के थाना धौलाना स्थित सिवाया निवासी युधिष्ठिर, पश्चिमी दिल्ली के थाना मोहनगढ़ स्थित नीलगिरी अपार्टमेंट द्वारिका मोड़ फ्लैट नंबर 102 निवासी अमित कुमार, जिला गौतमबुद्ध नगर के थाना जारचा स्थित गांव दादोपुर खटाना निवासी दुर्योधन उर्फ विशाल सिसोदिया को गिरफ्तार किया। मंगलवार को पुलिस ने सभी को सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। यहां आरोपियों के अधिवक्ताओं ने उनकी जमानत के लिए कई दलील दी, लेकिन सरकारी अधिवक्ता की दलील, पुलिस रिपोर्ट के समक्ष उनकी एक न चली। कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए उन्हें 9 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि इससे पूर्व कोर्ट शिब्बो और कपिल को जेल भेज चुकी है।