बुंदेलखंड की माटी में जन्मी और महिला विश्व विजेता टीम का हिस्सा रही भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंजबाज क्रांति गौड़ बृहस्पतिवार को जनपद पहुंची। वह ग्राम रोंडा में रहने वाली अपनी मित्र सुरभि राजा से मिलने उनके घर पहुंची। वह श्रीलंकी से पांच मैचों की सीरीज जीतने के बाद लौट रही थी। अपने बीच बुंदेलखंड की बेटी को देखकर गांव में खुशी का माहौल रहा। सभी उनके साथ फोटो खिंचवाने में जुटी रही। बच्चों ने ऑटोग्राफ लिए और सेल्फी खींची। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा गांव की क्रांति गौड़ ने आठवीं तक पढ़ाई कर कड़ी मेहनत से टीम इंडिया की तेज गेंदबाज बनकर महिला विश्व कप में चमक बिखेरी। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने साथ दिया, मां ने गहने तक बेचे। आज क्रांति ने गांव और बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है। मध्य प्रदेश के जनपद छतरपुर क्षेत्र के घुवारा गांव में जन्मी क्रांति गौड़ ने तेज गेंदबाज बनकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल हुई। हाल ही में भारतीय महिला टीम ने महिला विश्वकप को जीता। जिसमें बुंदेलखंड की मिट्टी में जन्मी क्रांति गौंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत को विश्वकप जिताने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। हाल ही में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका से खेली गई पांच मैचों की सीरीज पांच शून्य से जीती है। श्रीलंका से सीरीज खेलकर बृहस्पतिवार को भारतीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ घर लौटते हुए जनपद के ग्राम रोंडा में रहने वाली अपनी बचपन की मित्र सुरभि राजा के घर पहुंचीं। सुरभि भी जनपद की प्रतिभावान क्रिकेटर हैं और वह कई टूर्नामेंट में प्रतिभाग करती है। क्रांति व सुरभि राजा दोनों ही टूर्नामेंट के साथ साथ ट्रायल देने भी गई। इस दौरान दोनों की दोस्ती हुई थी। क्रांति गौड के ग्राम रोड़ा पहुंचने की जानकारी यहां के लोगों को हुई तो वह झांसी-सागर नेशनल हाईवे-44 पर हाथों में फूल माला लेकर पहुंच गए। जैसे ही क्रांति गौड़ की कार पहुंची, लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए। क्रांति गौड पर पुष्प बरसाए। इस दौरान सुरभि और उनके परिजन क्रांति गौड को लेने पहुंचे थे। क्रांति कार से उतरी और अपनी मित्र सुरभि से गले मिलकर काफी खुश हुई। दोनों ने एक दूसरे के हाल-चाल पूछे। डीजे पर बज रहे देश भक्ति गानों के बीच क्रांति गौड को सुरभि राजा अपने घर ले गई। यहां उनका महिलाओं सहित अन्य लोगों ने भव्य स्वागत किया। क्या बच्चे, क्या युवा सभी क्रांति की एक झलक पाने को बेताब दिखे। बच्चों ने उनका ऑटोग्राफ लिया और सेल्फी खींची। क्रांति गौड ने बताया कि उनका बचपन इन्ही दोस्तों के बीच बीता है। श्रीलंका से सीरीज खेलकर लौट रहे थे, तभी उनको अपनी दोस्त सुरभि की याद आई, अपनी दोस्त को फोन किया और घर आने बात कही थी। यहां अपने दोस्त के घर और उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा। करीब एक घंटा तक क्रांति गौड ग्राम रोंडा में सुरभि राजा के यहां रही और इसके बाद वह घर के लिए रवाना हो गई। इस मौके पर सुरभि का परिवार गौरव राजा, सौरभ राजा, रानू राजा, ध्रुव राजा, रोशन सिंह बुंदेला, ऊदल सिंह, रविंद्र राजा, राणा जी, शैलेन्द्र राजा, गौरव विश्वकर्मा सहित भारी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे।