ग्राम बंट स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कालातीत पोषाहार वितरण की शिकायत सही पाई गई। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार को मौके पर अवधि समाप्त पोषाहार के पैकेट समेत कई अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद सीडीपीओ छाया और सुपरवाइजर सोनम का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए गए। बिरधा क्षेत्र के ग्राम बंट स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को अवधि समाप्त पोषाहार दिए जाने का मामला सामने आया था। शिकायत मिलने पर पाली के नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार ने केंद्र का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि केंद्र पर रजिस्टर का समुचित रख-रखाव नहीं किया जा रहा था। लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि पोषाहार के नाम पर केवल बेसन और आटा के पैकेट ही दिए जा रहे थे, जबकि दलिया, मूंग दाल, सोयाबीन बड़ी, चावल, दाल, सोयाबीन तेल और दूध जैसे अन्य पोषाहार का वितरण नहीं हो रहा था। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर कालातीत पोषाहार के पैकेट भी मिले। यह स्थिति तब सामने आई है, जब आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण ऑनलाइन और फेस रीडिंग प्रणाली के जरिये किया जा रहा है।