लखीमपुर खीरी जिले में एक पुल ऐसा भी है, जहां से लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। यह वर्षों से टूटा पड़ा है। सैकड़ों छात्र-छात्राएं और ग्रामीण साइकिल कंधे पर रखकर टूटे पुल के बचे हुए हिस्से से निकलते हैं। चार दिन पहले ही बदायूं में अधूरे पुल के चलते हुए हादसे के बाद भी जिम्मेदारों का गंभीर न होना चिंता का विषय है। फूलबेहड़ इलाके के बड़ागांव बसहा के पास स्थित पुल काफी समय से जर्जर है। दो दर्जन गांव के सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन इधर से होता है। ग्रामीणों का कहना है कि दर्जनों बार शासन-प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। अगर इस रास्ते को ग्रामीण नहीं चुनते हैं तो दूसरे रास्तों से कई घंटों का सफर तय करना पड़ता है।