शनिवार आधीरात घड़ी की सूइयों ने 12 बजने का जैसे ही संकेत दिया, बेहटा-बुजुर्ग के श्रीजगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में शंख और घंटा-घङियाल बज उठे। फिर कान्हा जी को दूध, दही, शहद, शक्कर और घृत से पंचास्नान कराकर पीतांबर वस्त्र पहनाए गये। मंत्रोपचार के साथ विधि विधान से पूजा आरती कर उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाया पूजा- आरती और छप्पन भोग लगाने के बाद प्रसाद वितरण हुआ।