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जिंदाशाह मदार की दरगाह पर देश के कोने-कोने से पहुंच रहे जायरीन

हजरत सैय्यद बददीउद्दीन जिंदाशाह मदार रहमतउल्ला अलैह के 610 वें उर्स के पहले दिन हजारों की संख्या में जायरीनों पहुंचकर माथा टेका और चादरपोशी कर दम मदार बेड़ा पार का उदघोष किया। इस मौके पर उर्स इंतजामियां कमेटी और आयोजकों द्वारा कुरआन ख्वानी की रस्म अदायगी भी की गई। वहीं कश्ती और शग्ल-ए-धम्माल की तैयारियां भी जोरों पर हैं। उधर मलंग मासूम अली के साथ बड़ी संख्या में जायरीनों के जत्थे मकनपुर पहुंच चुके हैं। मलंगों की झलक पाने के लिए जायरीन उनके कुनबों के पास पहुंच रहे हैं। मंगलवार को उर्स के पहले दिन दरगाह में सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी की रस्म अदायगी हुई। इसके साथ ही जायरीनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। दरगाह परिसर में दिनभर दम मदार बेड़ा पार की सदाएं गूंजती रहीं। दोपहर को जुहर की नमाज के बाद मकनपुर के लोगो ने उर्स में आये जायरीन को दरगाह की जियारत कराई। दरगाह के अंदर सुबह से लेकर शाम तक दूर-दूर से जायरीनों का पहुंचना जारी रहा। यहां पहुंचे जायरीनों ने माथा टेका और चादरपोशी कर दम मदार बेड़ा पार का पैगाम दिया। इंतजामियां कमेटी फैजी जाफरी ने बताया कि बरेली से 51 लोगों का पैदल जत्था मकनपुर आ चुका है, उन्होंने रस्म अदायगी आरंभ कर दी है। उधर कमेटी के ही शानदार हुसैन जाफरी ने बताया कि रात्रि प्रकाश के समुचित इंतजाम किए गए हैं। जायरीनों के ठहरने के लिए मकनपुर के लोगों ने अपरे घरों के दरवाजे खोल दिए हैं। थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि उर्स के कारण मकनपुर में लगातार वाहनों और लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। सभी जायरीनों को सर्तक रहने के लिए सूचित किया जा रहा है। 5 क्विक रिस्पांस टीमें बनाई गई हैं, जो सूचना के बाद 10 मिनट में ही मौके पर पहुंचेगी।

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