रक्षाबंधन भाई-बहनों के अटूट प्रेम का त्योहार है। इस त्योहार पर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। सरिता द्विवेदी ने अपने भाई नितेश को पैर से राखी बांधी। दोनों हाथ और एक पैर न होने के कारण वह अपने एक पैर से ही सारा काम करती हैं। पैर से ही भाई को तिलक लगा मिठाई भी खिलाई। सरिता बतातीं हैं कि चार साल की उम्र में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने के कारण मेरे दोनों हाथ और एक पैर काटना पड़ा। तब से सभी दैनिक कार्य बाएं पैर से ही कर रहीं हूं। वर्तमान में सरिता एलिम्को में ब्रांड एंबेस्डर के रूप में कार्य कर रहीं हैं।