कुरुक्षेत्र से पैदल चलकर आए प्रकाश चंद्र सिंह कानपुर पहुंचे हैं, जो महाकुंभ की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी से अपनी यात्रा पैदल शुरू की थी और आज कानपुर पहुंचे हैं। महाकुंभ 144 साल बाद आया है। इसलिए हम सभी से कहेंगे गंगा में एक डुबकी अपने पूर्वजों के नाम और अपने आने वाली पीढ़ी के नाम जरूर लगाएं।